प्रेम में डूबे इंसान को सभी प्रेम में नज़र आते हैं -1 ✍छाया गौतम “त्रासदी”

प्रेम में डूबे इंसान को अपने चारों ओर प्रेम दिखता है ,उसे छोटी से छोटी चीजों में भी खुशी मिलती हैं और चलती हवा लगती है कोई सरगम, होश ही नहीं रहता दिन-रात का बस सब अच्छा लगने लगता है और सब हसीन सपने एक साथ सच हो रहें होते है | जीव कोई भी हो उसे प्रेम में ही दिखता है|शायद हमें भी पिछले दिनों ये आभास इसी कारण हुआ,लेकिन स्पष्ट रूप से कभी भी कुछ कहना मेरे लिए कठीन ही रहा हैं

कुछ दिन पहले घर में एक cockroach दिखा कहाँ से आया नहीं पता,कब आया नहीं पता | लेकिन उसे देख कर बुरा नहीं लगा, डर नहीं लगा| क्योंकि कोई नया चेहरा बड़े दिनों बाद दिखा घर में, इसलिए अच्छा लगा देख कर |

लेकिन मम्मी को अच्छा नहीं लगा बहुत से लोगों को नहीं लगता| लेकिन फिर भी घर की उन सभी निर्जीव वस्तुओं में उस नन्ही जान को देख कर अच्छा लगा या फिर शायद मुझे किसी को देख कर बुरा ही नहीं लगता| उस cockroach को यूं ही घर में छोड़ नहीं सकते थे | इसलिए फिर मम्मी ने वो किया जो कोई भी समान्य इंसान करता…..

आप गलत सोच रहें हैं मम्मी ने उसे नहीं मारा गया ,उस पर कोई झाड़ू नहीं चली,ना ही कोई ज़हर दिया गया | मेरी आदत को जानते हुए मेरी नज़रों के सामने ऐसा कोई नहीं कर सकता| मम्मी ने उठाया उसे कागज के टुकड़े पर और जा कर रख आई घर से दूर जहा वो आज़ाद रहता और हमसे दूर भी |

लेकिन कहानी तो अब शुरू हुई थी , मम्मी जैसे ही घर वापिस आयीं एक cockroach मम्मी के कंधे पर आकार बैठ गया |हस्ते हुए मैंने कहा “मम्मी इसे छोड़ने गई थी या दोस्ती करने … लेकिन अच्छा ही हुआ आप दोनों की दोस्ती हो गई|अब ये भी हमारे साथा रह सकता है |”

मम्मी उसे देख कर असमंजस में थी या शायद दुख या डर का एक मिश्रित भाव……बहरहाल मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था | अगर मम्मी थोड़ी ऐक्टिंग करना जानती तो शायद थोड़े अच्छे से नजाव देतीं | लेकिन इतने में ही ये सिलसिला नहीं रुका मम्मी ने दुपपट्टा हिलाया तब वो जमीन पर गिर गया और घर के किसी सरकने कोने में गायब हो गया | ये घटनाए आगे 2-4 रोज़ तक हुई जाने कहाँ से मम्मी के पास एक cockroach आ जाता और मम्मी पर आ बैठता , हम मम्मी का मज़ाक उड़ाने लगे थे कि पापा को काम्पिटिशन मिल रहा हैं आपको कोई उनसे ज़्यादा चाहने लगा हैं |

फिर अगले 2 दिन वो नहीं दिखा मन उदास होने लगा कि पता नहीं कहा चल गया नन्हा मेहमान   फिर एक दिन घर में दो cockroach साथा देखे गए उनमें सें एक का 1 पैर कम था ये वही cockroach था अजिसे मम्मी ने घर के बाहर फेक दिया था लेकिन दूसरा वाला काक्रोच था जो मम्मी के ऊपर आ बैठता था

शायद ये जोड़े में रहते थे जो मम्मी ने अनजाने में खराब कर दिया थे , अब ये cockroach साथा रहते हैं कि नहीं वो तो विज्ञान ही बता सकता था | लेकिन मेरे मनोविज्ञान के अनुसार ये प्यार था और अब समझ नहीं या रहा था कि मम्मी को दूसरा cockroach इतना तंग क्यों कर रहा था|

हमारे चारों ओर प्रेम हैं बस देखने की ज़रूरत हैं जब आपको कोई cockroach दिखे तो उसे मारना नहीं बस आपकी तसल्ली के लिए घर से निकाल देना|

जल्द पार्ट-2

 

 

Published by CHHAYA GAUTAM'S BLOGS.....

Namaste 🙏 Welcome 🤗 Bhartiye-Delhite Writing is mine habit. Wana talk ..? Twitter- chhaya gautam

7 thoughts on “प्रेम में डूबे इंसान को सभी प्रेम में नज़र आते हैं -1 ✍छाया गौतम “त्रासदी”

  1. 😄😄
    अच्छी सलाह👍
    मैं तो उसके मूंछें पकड़कर फेंक देता हूँ। मेरे घर में काफी हैं, पर एक कोने में शांत रहते हैं।

    Liked by 1 person

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